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Showing posts from 2016

यहां देवी मां को चढ़ता है हथकड़ी और बेड़ियां का चढ़ावा !

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दिवाक माता नवरात्रि का महीना चल रहा है। हर तरफ मां की गूंज ही सुनाई दे रही है। इस पावन मौके पर भक्त मां को खुश करने के लिए तरह - तरह जतन कर रहे हैं। भक्त मां को हलवा - पूरी , वस्त्र , नारियल , सिंदूर , बिंदी और मिठाई का चढ़ावा चढ़ाते हैं। हालांकि , हर मंदिर एक विशेष चढ़ावा होता है , लेकिन आप जानकर हैरान रह जाएंगे कि राजस्थान में एक ऐसा मंदिर है जहां देवी मां को सिर्फ़ और सिर्फ़ हथकड़ी और बेड़ियां चढ़ाई जाती हैं। ये सुनकर आप चौंक जरूर गए होंगे ! सबकी अपनी - अपनी श्रद्धा होती है। इसलिए यहां भक्त मां को मनाने के लिए हथकड़ी और बेड़ियों के चढ़ावे का ही प्रयोग करते हैं। देवी मां का यह मंदिर राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले के जोलर गांव में स्थित है , और ' दिवाक माता ' के नाम से प्रसिद्ध है। त्रिशूल में चढ़ाई जाती हैं हथकड़ियां इस मंदिर की सबसे खास बात यह है कि दिवाक माता के दर्शन के लिये भक्त दूर - दूर से यहां आते हैं और देवी को प्रसन्न करने के लिए मंदिर परिसर में गड़े 200 साल पुराने त्रिसूल में हथकड़ी और बेड़ियां चढ़ाते हैं। इसे भी पढ़ें-  सुबह उठकर खाएं अंकुरित काले चने...

अनोयारा खातून ! कभी मानव तस्करी का शिकार हुईं, आज किसी पहचान की मोहताज नहीं

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अनोयारा खातून ! अनोयारा खातून ! ये वो नाम है, जो कभी मानव तस्करी का शिकार हुआ था, और आज उसी के खिलाफ मजबूती से लड़ाई लड़ रहा है। कभी अनोयारा खातून पश्चिम बंगाल के परगना डिस्ट्रिक्ट के संदेशखली गांव से 18 साल की उम्र में उगवा कर ली गईं और आज उसी के खिलाफ लड़ाई लड़ कर यूनाइटेड नेशन्स तक अपना लोहा मनवा चुकी हैं। अनोयारा ख़ातून ने यूनाइटेड नेशन्स तक अपनी ऐसी पहचान बनाई है, कि संयुक्त राष्ट्र अध्यक्ष बान की मून, बिल गेट्स और मेलिंडा गेट्स जैसे दिग्गजों के समकक्ष खड़े होने का सुअवसर मिल चुका है। खातून की कामयाबी पर पूरे गांव को गर्व है। खातून कहती हैं कि, 'यूनाइटेड नेशन्स में इतने सारे लोगों के सामने अपने गांव और देश की कहानियां सुनाना मुझे मानव तस्करी के खिलाफ लड़ने की और प्रेरणा देता है।'  खातून को जब अगवा किया गया था तो, उनको एक 'SAVE THE CHILDREN' नाम के एनजीओ की मदद से छुड़ाया गया था, और अनोयारा करीब 80 वॉलिंटियर्स की टीम को संभाल रही हैं। इनकी टीम बाल विवाह, मानव तस्करी, बाल मज़दूरी जैसी सामाजिक समस्याओं से समाज को मुक्त करने के लिए काम करी रहे हैं।  अनो...

देश में अनाज की कमी नहीं, फिर भूख से मर रही जनता !

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कॉन्सेप्ट फोटो देश में अनाज की बर्बादी का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक ओर जहां देश में लोग भूख से मर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर हर साल 670 लाख टन खाद्य पदार्थ बर्बाद हो रहा है। अगर गौर किया जाए तो सरकार के पास अन्न के भंडारण की कोई सुविधा नहीं है। यही कारण है कि किसानों को सस्ते दामों में अनाज बेचने को मजबूर है। इस देश का सबसे अहम सवाल ये है कि यहां अनाज और अन्य खाद्य पदार्थों की कमी नहीं है, फिर भी लोग भूख से क्यों मर रहे हैं ? आज हम आपको उस हकीकत से रूबरू कराते हैं, जिसपर आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में शायद ही किसी का ध्यान जाता हो। हम बचपन से सुनते आ रहे हैं कि भारत ए क कृषि प्रधान देश है, और भारत की 70 फीसदी आबादी कृषि पर आश्रित है, हालांकि अब ये आंकड़ा 60 फीसदी के करीब पहुंच गया है । एक समय था, जब पूरा देश कृषि पर ही आश्रित हुआ करता था। यहां मुद्दा ये नहीं है कि कितनी आबादी खेती कर रही है। मुद्दा ये है कि खेती से किसान कितने ख़ुश हैं? किसानों को खेती से कितना फायदा पहुंच रहा है? किसान अनाज को सस्ते दामों में बेचने को क्यों मजबूर है ? अगर बात करें खाद्य पदार्थ...

देश का पहला बैंक, जहां नहीं लगाया जाता ताला

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आपने कभी ऐसे बैंक के बारे में देखा और सुना है, जहां सुरक्षा के नाम पर बैंक में ताला भी न लगाया जाता हो। लेकिन हमारे देश में एक यूको बैंक की ऐसी ब्रांच है, जिसे देश की लॉकलेस बैंक ब्रांच होने का दर्जा प्राप्त है। बता दें कि बैंक की इस ब्रांच के लिए सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक को भी अपने नियमों में बदलाव करने पर मजबूर होना पड़ा था। कोई भी बैंक हो, अपनी महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले में यूको बैंक की एक ब्रांच छोटे-से कस्बे शनि शिंगणापुर में हैं। साल 2011 से पहले इस कस्बे में किसी भी बैंक ने अपनी ब्रांच नहीं खोली थी। कारण था कि यहां के लोगों ने बैंकों को बिना ताला लगाए अपनी ब्रांच खोलने के लिए कहा था, और इसके लिए बैंक, सरकार, पुलिस और आरबीआई राजी नहीं थे। आरबीआई द्वारा नियमों को बदलने के बाद यूको बैंक ने अपनी ब्रांच खोली। शुरू के महीनों में बैंक अधिकारियों को काफी डर लगा था. बैंक ने इसके लिए छुट्टी के दिन और रात में भी कर्मचारियों की तैनाती की थी, जिससे कैश की सुरक्षा हो सके। धीरे-धीरे बैंक ने इन कर्मचारियों को हटा दिया। किसी भी समय यहां ताला नहीं लगता है। चाहे बैंक में कितना भी कैश क्यों ...

यहां 118 साल से गिरफ्तार है पेड़ !

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आपने अभी तक इंसानों को गिरफ्तार होते हुए देखा और सुना होगा, लेकिन क्या कभी आपने किसी पेड़ को गिरफ्तार होने की बात सुनी है। जी हां पाकिस्तान के खैबर में एक ऐसा पेड़ है जो पिछले 118 साल से गिरफ्तार है। जानिए क्या है इस पेड़ के गिरफ्तार होने की कहानी... इस पेड़ को 1898 में गिरफ्तार किया गया था। यह पेड लांडी कोटल आर्मी में लगा है। दरअसल, इस पेड़ की गिरफ्तारी के पीछे एक दिलचस्प कहानी है। एक पाकिस्तानी अखबार के मुताबिक, ब्रिटिस शासनकाल में ब्रिटिश अफसर जेम्स स्क्वेड एक दिन टहलने निकले। जेम्स उस समय शराब के नशे में थे। जेम्स ने देखा कि एक बरगद के पेड़ उनकी ओर आ रहा है। जेम्स बरगद के विशाल पेड़ को खुद की ओर आता देख घबरा गए। फिर क्या था, उन्होनें फौरन सैनिकों को पेड़ को गिरफ्तार करने का आदेश दिया। सैनिकों ने उस पेड को जंजीरों में जकड़ दिया। तब से यह पेड जंजीरों में जकडा हुआ है। बरगद के इस पेड़ पर आज भी जंजीरें लटकी हुई हैं। साथ में आईएम अंडर अरेस्ट की तख्ती लटकी हुई है। इस पेड़ से अब तक जंजीरें इसलिए नहीं हटाई गईं जिससे अंग्रेजी शासन की क्रूरता को दर्शाया जा सके। अब यह पेड़ एक टूरिस्ट डेस्ट...

एक विदाई ऐसी भी! यहां शिक्षक की विदाई पर रोया पूरा गांव

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एक शिक्षक ही मनुष्य को जिंदगी जीने के लिए सही दिशा दिखाता है। एक शिक्षक ही मुनष्य को सही और गलत का आइना दिखाता है। इसीलिए मनुष्य के जीवन में शिक्षक का दर्जा सबसे ऊपर होता है। जब शिक्षक अच्छे हों तो उनकी विदाई पर शिष्यों का रोना लाजमी है। लेकिन क्या आपने कभी सुना है कि एक शिक्षक की विदाई पर बच्चों के साथ - साथ पूरा गांव भी रोया हो ? ये न तो कहानी है और न ही कोई खबर। ये हमारे समाज के लिए वो आइना है , जो किसी शिक्षक के कर्तव्य , संघर्ष , समर्पण और ईमानदारी को दर्शाता है। इस शिक्षक ने 6 सालों में ऐसा कुछ कर दिया कि , जब उनकी विदाई हुई तो बच्चों समेत महिलाएं , किसान , अमीर - गरीब , बूढ़े सब रोए। इस कहानी से जुड़े जितने लोग भी हैं , शायद मुझसे बेहतर वो इसके बारे में आपको बता पाते। मेरे पास उस भावुक क्षण को शब्दों में पिरोने के लिए शब्द नहीं है। ये कहानी एक ऐसे शिक्षक की है , जिसके कर्मों ने पूरे गांव की आंखे नम कर दीं। साल 2009 में अवनीश यादव ने इस कहानी की इबारत लिखी। जिस गांव में कोई भी शिक्षक जाने के कतराता था , उस समय अवनीश ने इस गांव में जाकर पढ़ाने का साहस दिखाया। अवनीश प...

एक बूढ़ी औरत....

एक बूढ़ी औरत.... राजघाट पर बैठे- बैठे रो रही थी न जाने किसका पाप था जो अपने आंसुओं से धो रही थी। मैंने पूछा- माँ! तुम कौन? मेरी बात सुन कर वह बहुत देर तक रही मौन लेकिन जैसे ही उसने अपना मुह खोला लगा दिल्ली का सिंहासन डोला वह बोली- अरे! तुम जैसे नालायको के कारण शर्मिंदा हूँ, न जाने अब तक क्यो जिंदा हूँ। अपने लोगो की उपेक्षा के कारण तार- तार हूँ, चिंदी हूँ, मुझे गौर से देख... मै राष्ट्रभाषा हिन्दी हूँ। जिसे होना था महारानी आज नौकरानी है हिन्दी के आँचल में तो है सद्भाव मगर आँखों में पानी है। गोरी मेम को दिल्ली की गद्दी और मुझे बनवास ? कदम- कदम पर होता है मेरा उपहास। सारी दुनिया भारत को देख कारण चमत्कृत है एक भाषा- माँ अपने ही घर में बहिष्कृत है बेटा, मै तुम लोगों के पापो को ही बासठ वर्षो से बोझ की तरह ढो रही हूँ कुछ और नही कर सकती इसलिए रो रही हूँ। अगर तुम्हे मेरे आंसू पोंछने है तो आगे आओ सोते हुए देश को जगाओ और इस गोरी मेम को हटा कर मुझे गद्दी पर बिठाओ अरे, मै हिन्दी हूँ मुझसे मत डरो हर भाषा को लेकर चलती हूँ और सबके साथ दीपावली के दीपक- सा जलती हूँ। #साभार#तरुण कुमार भारतीय की वॉल से

हर तरफ 'जय कन्‍हैया लाल की' की गूंज

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देशभर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की धूम देखने को मिल रही है। मंदिरों में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का समारोह धार्मिक उत्साह एवं परंपरा से शुरू हो गया है। जन्माष्टमी त्योहार की रौनक देश के कई राज्‍यों में नजर आ रही है। हर किसी को आज आधी रात का इंतजार है , जब कान्‍हा जन्म लेंगे। मथुरा और वृन्दावन में जन्माष्टमी के मौके पर भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मस्थान परिसर , ठा . द्वारिकाधीश मंदिर , इस्कॉन के द्घष्ण - बलराम मंदिर एवं प्रेम मंदिर , वृन्दावन में ठाकुर श्री बांकेबिहारी मंदिर , गोवर्धन के दानघाटी मंदिर , बरसाना व नन्दगांव के मंदिरों में जबरदस्‍त तैयारी की गई है। कृष्‍णभक्‍तों में खासा उत्‍साह है और हर तरफ ' जय कन्‍हैया लाल की ' गूंज है। कान्हा की नगरी मथुरा और वृन्दावन में जन्माष्टमी त्योहार को लेकर काफी रौनक है। श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा है। प्रशासन का अनुमान है कि इस बार 30 लाख लोग जन्माष्टमी मनाने मथुरा पहुंचेंगे। कृष्ण जन्मोत्सव को लेकर ब्रज में भी जबरदस्त उत्साह है। ब्रज भूमि मथुरा के तमाम मंदिरों में रोशनी के खास इंतजाम क...

ब्रॉन्ज जीतकर लौटीं साक्षी का जोरदार स्वागत

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महिला कुश्ती में देश को पहला ओलिंपिक मेडल दिलाने वाली साक्षी मलिक का भारत लौटने पर जोरदार स्वागत किया गया। बुधवार सुबह 3.30 बजे साक्षी दिल्ली के इंदिरा गांधी एयरपोर्ट पर उतरीं। उन्हें रिसीव करने के लिए हरियाणा सरकार के 5 मंत्री पहुंचे। साक्षी का परिवार और गांव के करीबी लोग भी पहुंचे। इस बीच , हरियाणा सरकार ने साक्षी को राज्य की बेटी बचाओ - बेटी पढ़ाओ योजना का ब्रांड एंबेसेडर बना दिया है।  

इस गांव में औरतें बन जाती हैं ‘मर्द’ !

आज हम आपको एक ऐसी सच्चाई से रू - ब - रू कराने जा रहे हैं। जिसको सुनकर आप भौचक्के रह जाएंगे। आप औरतों को अक्सर मर्दों के लिबाज में देखते हैं , लेकिन एक गांव ऐसा भी है जहां हर औरत मजबूरन मर्द बन जाती है। दक्षिणी यूरोप में अल्‍बेनियन नाम का एक गांव है। यह गांव अपनी विशेष प्रथा और अद्धुत परंपरा के लिए जाना जाता है। यहां औरतें मजबूरी वश मर्द बन जाती है। जानिए क्यों मर्द बनती हैं औरतें - दक्षिणी यूरोप के अल्‍बेनियन नाम के इस गांव में महिलाओं की कमी है। बताया जाता है कि इस गांव में ज्यादातर औरतें अब मर्द बन चुकी है। एक रिपोर्ट के मुताबिक यूरोप के अल्‍बेनियन गांव में आज भी परंपराएं पुरुष प्रधान हैं। यानी कि यहां के परिवार अपने पिता को ही सर्वोच्‍च मानते हैं। इस गांव में महिलाओं को सिर्फ सेक्स के लिये रखा जाता है। लंबे समय से चली आ रही है परंपरा इस गांव में लंबे समय से ये परंपरा चली आ रही है और इस परंपरा को 'Kanun' नाम से जाना जाता है। इस कानून के तहत महिलाओं को फैमिली प्रॉपर्टी माना जाता है। उन्‍हें मूलभूत सुख - सुविधाओं से दूर रखा जाता है। इतना ही नहीं महिलाओं को अपने हिस...

यहां है दुनिया का सबसे पुराना होटल

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दुनिया में ऐसी बहुत सी चीजे हैं जो बनी और जो समय के साथ नेस्तनाबूत हो गईं। लेकिन हमारी दुनिया में एक होटल ऐसा भी मौजूद है जिसे 1300 सालों से संरक्षित करके रखा गया है। प्रकृति की खूबसूरत वादियों के बीच बसा यह होटल दिखने में तो इतना खास नहीं लगता, लेकिन होटल के अंदर और बाहर का नजारा वाकई आपको दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर कर देगा। 1300 साल पुराना है जिसका इतिहास  दक्षिणी जापान में स्थित 1300 साल पहले शुरू हुए इस हॉट स्प्रिंग होटल में आप आज भी ठहर सकते हैं। रिकॉर्ड के मुताबिक ये होटल 705 ईस्वी में खुला था। इस होटल को फूजिवारा महितो नाम के एक शख्स ने शुरू किया था। फिलहाल महितो की 52वीं पीढ़ी इस होटल को संभाल रही है। साल 2011 में इस होटल को आधिकारिक रूप से गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में सबसे पुराने होटल के रूप में शामिल किया गया।  माउंट फूजी के पास बने इस होटल में ठहरने के लिए आपको हर रात के लिए 475 से 570 डॉलर यानी कम से कम 31 हजार रुपए खर्च करने होंगे। होटल में कुल 35 कमरे हैं इसकी स्थापना Fujiwara Mahito ने की थी। उनके परिवार की 52 पीढियां 1311 साल से अपनी इस ...

रियो ओलंपिक 2016 का रंगारंग आगाज

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रियो डी जेनेरियो। दुनिया के सबसे बड़े खेल महाकुंभ रियो ओलंपिक का रंगारंग आगाज हो गया। ओलंपिक खेलों का उद्घाटन समारोह माराकैना स्टेडियम में हुआ। अब तक के इस सबसे बड़े ओलंपिक में 10 हजार 500 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं , जोकि खुद में एक रिकॉर्ड है। ये ओलंपिक खेल 21 अगस्त तक चलेंगे। समारोह में ब्राज़ीली आर्टिस्ट्स ने म्यूज़िक , थ्रीडी इमेजिंग और लेज़र तकनीक के इस्तेमाल से इवेंट को कलरफुल बना दिया। इस समारोह में 6 हज़ार से भी अधिक वॉलंटियर्स शामिल रहे। समारोह में ग्रीस की टीम ने सबसे पहले एंट्री की। ओपनिंग सेरेमनी में भारतीय दल 95 वें नंबर पर रहा , जिसकी अगुवाई ' गोल्डन मैन ' अभिनव बिंद्रा ने की। ओलंपिक खेलों के ओपनिंग सेरेमनी की शुरुआत भारतीय समयानुसार 4 बजे सुबह हुई। क्यों चर्चा में रही ओपनिंग सेरेमनी ? सुपरमॉडल गिजेले बुंडाचेन का 500 मी . तक लंबा कैटवॉक और सांबा डांस सुर्खियों में रहा। लेजेंड फुटबॉलर पेले की अचानक तबीयत खराब हो जाने की वजह से उनके फैन्स को निराश होना पड़ा।  उनकी जगह ब्राजील ओलिंपियन और पूर्व वर्ल्ड नंबर वन टेनिस स्टार गुस्टावो कुर्टेन ने मशाल जलाई...

समुंदर में अब तक का सबसे बड़ा सर्च ऑपरेशन

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इंडियन एयरफोर्स के लापता विमान  AN - 32 को ढूंढने के लिए सेना युद्ध स्तर पर सर्च ऑपरेशन चला रही है। चेन्नई से पोर्ट ब्लेयर के लिए रवाना हुए एयरफ़ोर्स के विमान  AN 32  को लापता हुए करीब  48  घंटे हो गए हैं ,  लेकिन अब तक विमान का कोई भी सुराग नहीं मिला है। हालांकि कोई पता नहीं लगने के कारण चिंताएं बढ़ता जा रही हैं। खोजी दलों ने बंगाल की खाड़ी में भी अपने प्रयास तेज कर दिये है। इस पूरे सर्च ऑपरेशन की रक्षामंत्री मनोहर पार्रिकर खुद मॉनिटरिंग कर रह हैं। इतिहास में अब तक का ये सबसे बड़ा सर्च ऑपरेशन माना जा रहा है। नौसेना और कोस्टगार्ड के  18  युद्धपोत विमान को ढूंढने की कोशिश में लगे हुए हैं। इनमें एक सबमरीन भी शामिल है। इसके अलावा वायुसेना के  8  एयरक्राफ़्ट विमान को तलाशने में लगे हैं। रक्षा मंत्री मोहर पर्रिकर एक खास विमान से शनिवार सुबह तांब्रम एयरबेस पहुंचे हैं। चेन्नई से पोर्टब्लेयर के लिए रवाना हुए एयरफोर्स के एक विमान  AN- 32  लापता होने के बाद वह अधिकारियों के साथ जरूरी बैठक के अलावा हालात की खुद निगरानी कर रहे है...

खुशखबरी! एक रुपये में 10 लाख की बीमा

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ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों के लिये एक गुड न्यूज है। आईआरसीटीसी अब ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों को 1 रुपये में 10 लाख का बीमा कवर देने की तैयारी कर रही है। आईआरसीटीसी यह सुविधा यात्रियों को ऑनलाइन बुकिंग करने वाले यात्रियों को ट्रैवल इंश्योरेंस विकल्प के तौर पर देगी।  खबर है कि अब ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों को 1 रूपये में 10 लाख रुपये का बीमा कवर मिलेगा। आईआरसीटीसी ने 1 सितंबर से सभी ऑनलाइन टिकट बुकिंग में 1 रुपये में 10 लाख रुपये का ट्रैवल इंश्योरेंस विकल्प के तौर पर देगी। इसके लिए आईआरसीटीसी ने 3 बीमा कंपनियों के साथ समझौता भी कर लिया है। इस समझौते के मुताबिक सिर्फ 1 रुपये में किसी भी रेल यात्री को ट्रैवल इंश्योरेंस मिल जाएगा।  कैसे मिलेगा बीमा कवर? इस ट्रैवल इंश्योरेंस के तहत रेल यात्रा के दौरान एक्सीडेंट से होने वाली मौत की स्थिति में 10 लाख रुपये का बीमा कवर दिया जाएगा। दुर्घटना के चलते अगर कोई यात्री पूरी तरह अपंग हो गया तो उसे 7.5 लाख रुपये की बीमा राशि मिलेगी। दुर्घटना में घायल होने वाले यात्री के अस्पताल में इलाज के लिए 2 लाख रुपये तक...