अनोयारा खातून ! कभी मानव तस्करी का शिकार हुईं, आज किसी पहचान की मोहताज नहीं
![]() |
| अनोयारा खातून ! |
अनोयारा खातून ! ये वो नाम है, जो कभी मानव तस्करी का शिकार हुआ था, और आज उसी के खिलाफ मजबूती से लड़ाई लड़ रहा है। कभी अनोयारा खातून पश्चिम बंगाल के परगना डिस्ट्रिक्ट के संदेशखली गांव से 18 साल की उम्र में उगवा कर ली गईं और आज उसी के खिलाफ लड़ाई लड़ कर यूनाइटेड नेशन्स तक अपना लोहा मनवा चुकी हैं।
अनोयारा ख़ातून ने यूनाइटेड नेशन्स तक अपनी ऐसी पहचान बनाई है, कि संयुक्त राष्ट्र अध्यक्ष बान की मून, बिल गेट्स और मेलिंडा गेट्स जैसे दिग्गजों के समकक्ष खड़े होने का सुअवसर मिल चुका है। खातून की कामयाबी पर पूरे गांव को गर्व है। खातून कहती हैं कि, 'यूनाइटेड नेशन्स में इतने सारे लोगों के सामने अपने गांव और देश की कहानियां सुनाना मुझे मानव तस्करी के खिलाफ लड़ने की और प्रेरणा देता है।'
खातून को जब अगवा किया गया था तो, उनको एक 'SAVE THE CHILDREN' नाम के एनजीओ की मदद से छुड़ाया गया था, और अनोयारा करीब 80 वॉलिंटियर्स की टीम को संभाल रही हैं। इनकी टीम बाल विवाह, मानव तस्करी, बाल मज़दूरी जैसी सामाजिक समस्याओं से समाज को मुक्त करने के लिए काम करी रहे हैं।
अनोयारा ख़ातून कहतीं हैं कि शुरूआत में उनको बडी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। सामाज के लोगों ने जमकर निंदा की। लेकिन कुछ लोगों ने उनका पूरा सहयोग किया और आज पूरा गांव खातून की तारीफ करते नहीं थकता है। अनोयारा बताती हैं कि उनको सबसे ज्यादा खुशी इस बात की है कि वो बड़े लोगों से मिलने के साथ-साथ ऐसे लोगों से भी मिलीं, जो सोसाइटी में रह कर अच्छे कार्य कर रहे हैं। अगर समस्या हर देश में है तो, उन समस्याओं को दूर करने वाले भी हर देश में मिल जाएंगे।
साल 2015 में अनोयारा ख़ातून ने संयुक्त राष्ट्र में SUSTAINABLE DEVELOPMENT GOALS SUMMIT में हिस्सा लिया था और इस साल खातून ने GENERAL ASSEMBLY को संबोधित किया।
अनोयारा ख़ातून ने अपनी समाज की हर लड़की के लिए किसी मिसाल से कम नहीं है। खातून इतनी कम उम्र में खातून लोगों की समस्याओं को सुलझाने के प्रयास कर रही हैं। काबिले तारीफ है इनका साहस।

Comments
Post a Comment