मुर्दे भी जिंदा कर देती है यूपी पुलिस

अक्सर आपने कहानियों मरे हुए व्यक्ति को जिंदा होते सुना होगा, लेकिन यूपी में ऐसा होता है। यहां मुर्दे भी जिंदा हो जाते हैं। ये घटना फतेहपुर जिले के कल्याणपुर थाना क्षेत्र की है। यहां मुर्दा जिंदा होने के बाद हड़कंप मच गया। अब तो पुलिस विभाग की ओर से मुर्दे के जिंदा होने की पुष्टि कर दी गई है। दरअसल, कल्याणपुर पुलिस ने मरे हुए व्यक्ति को फरार बताया है।

दरअसल, ये घटना फतेहपुर जिले के कल्याणपुर थाना क्षेत्र के गुनीर गांव की है। यहां प्रधानी चुनाव के दौरान जिला पंचायत सदस्य व प्रधान प्रतिनिधि आशीष सिंह उर्फ पिंटू सिंह ने विरोधी प्रत्याशी विनोद विश्वकर्मा की पत्नी को चुनाव लड़ने के लिये मना किया था। जिसके बाद प्रचार के दौरान पिंटू ने अपने 14 साथियों के साथ विनोद विश्वकर्मा से साथ लूट व जानलेवा हमले की घटना को अंजाम दिया था।

गुनीर गांव के 14 लोगों के खिलाफ लूट और जान से मारने की धाराओं केस दर्ज हुआ था। पुलिस ने इस मामले के मुख्य आरोपी पिंटू सिंह को जांच से बाहर कर दिया था। जिसके बाद पीड़ित विनोद विश्वकर्मा ने हाईकोर्ट की शरण ली थी।

हाईकोर्ट ने मामले की जांच कर रहे अधिकारी को तलब किया। जिसके बाद हाईकोर्टज ने सभी 14 आरोपियों के खिलाफ एनबीडब्ल्यू वारंट जारी करते हुए कोर्ट में पेश होने का आदेश दे दिया। गौरतलब है कि इस मामले का मुख्य आरोपी पिंटू सिंह हाल ही में डीजीपी को सम्मानित किया था। जिसकी खबर को न्यूज चैनलों ने प्राथमिकता से दिखाई थी। 

बता दें कि इस मामले में आरोपी संतोष पटेल पुत्र गांगाराम की एक साल पहले मौत हो चुकी है। लेकिन यूपी पुलिस ने जवाब दिया कि आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिये लगातार दबिश दी जा रही है, लेकिन जब पुलिस दबिश देने जाती हैं तो सभी आरोपी मौके से हट जाते हैं। पुलिस ने कोर्ट को नहीं बताया कि इस मामले में एक आरोपी संतोष को मौत हो चुकी है। ऐसे में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठना लाजमी है।

जानकारी मिली है कि इस मामले की जानकारी एसपी को है ही नहीं। जबकि जांच कर रहे अधिकारी ने आरोपी संतोष कुमार को फरार दिखाया है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। इससे साफ जाहिर है कि यूपी पुलिस आरोपियों पर मेहरबान है।

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